फ्रांस के वित्त मंत्री ली मेयर बोले, बड़ी कंपनियों को दिवालिया होने से बचाने कर सकते हैं राष्ट्रीयकरण
फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रुनो ली मेयर ने देश की अर्थव्यवस्था पर हो रहे कोरोनावायरस के संक्रमण के असर को कम करने के लिए 45 अरब यूरो का राहत पैकेज देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इस साल फ्रांस आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकता है। बड़ी कंपनियों को दिवालिया होने से बचाने के लिए उनके नेशनलाइज का विकल्प भी खुला है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज से कंपनियों और कोरोनावायरस के संक्रमण से जूझ रहे कर्मचारियों की मदद की जाएगी।
फ्रांस की अर्थव्यवस्था में 1% की गिरावट का अनुमान
ली मेयर ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा, "मैं फ्रांस की बड़ी कंपनियों को बचाने के लिए किसी भी तरह का कदम उठाने से नहीं हिचकूंगा। यह काम पूंजी लगाकर या कंपनी के शेयर खरीद कर किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर वे ऐसी कंपनियों को नेशनलाइज करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।" इससे पहले उन्होंने आरटीएल रेडियो को बताया कि सरकार के प्राथमिक आकलन के हिसाब से फ्रांस की अर्थव्यवस्था में एक प्रतिशत की गिरावट होने का अनुमान है।
कोरोनावायरस महामारी से लड़ाई युद्धा की तरह : ब्रुनो ली मेयर
ली मेयर ने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर निगेटिव रहने के अनुमान के आधार पर सरकार जल्दी ही राहत के अन्य उपायों की घोषणा करने वाली है। उन्होंने कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ इस अभियान को आर्थिक और वित्तीय युद्ध बताया है। उन्हें लगता है कि ये युद्ध कुछ समय तक चलने की उम्मीद है। यह लंबा और हिंसक होगा। ऐसे में हमें अपनी सारी ताकत जुटाने की जरूरत होगी।
92 कंपनियों के शेयरों की शॉर्ट सेलिंग पर रोक
ली मेयर ली मेयर ने कहा कि फ्रांस का नेशनल डेट (कर्ज) इस साल जीडीपी के 100 प्रतिशत को पार कर जाएगा। यह यूरोपियन यूनियन के 60 प्रतिशत की गाइडलाइन से बहुत ऊपर होगा। फ्रांस के शेयर बाजार में कोरोनावायरस के कहर के चलते मंगलवार, 17 मार्च को 92 कंपनियों के शेयरों की शॉर्ट सेलिंग पर रोक लगा दी। ली मेयर ने कहा कि जरूरत पड़ने पर शॉर्ट सेलिंग को महीनेभर तक रोकने के लिए तैयार हैं।
क्या है शॉर्ट सेलिंग?
जब निवेशक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से किसी कंपनी के शेयरों को बेचते हैं और जानबूझकर उसका दाम गिराते हैं। ताकि वे सस्ते दाम पर फिर से उन शेयरों की खरीद कर सकें। इसे शॉर्ट सेलिंग कहा जाता है।